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सियह-बख़्ती में कब कोई किसी का साथ देता है
कि तारीकी में साया भी जुदा रहता है इंसाँ से
शान से हम तेरे दिल में रहेंगे,
तेरी मोहब्बत पे जान निसार करेंगे,
देख के जलेंगी हमे दुनिया सारी,
इस कदर बे-पनाह तुझे प्यार करेंगे……!!!
कपड़े सफ़ेद धो के जो पहने तो क्या हुआ,
धोना वही जो दिल की सियाही को धोइए।
जो देते है गर्ल को तोफहे
वही लगाते है उनकी शादी में सोफे
जो जाते है उनके पीछे
वो आते है कारो के नीचे
जो कहते है उनको जानू
वही बनते है उनके बच्चो के मामू।
More Shayari
Motivational Shayari

चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया
इश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया
~ Parveen Shakir
बे-ज़बानी तर्जुमान-ए-शौक़ बेहद हो तो हो
वर्ना पेश-ए-यार काम आती है तक़रीरें कहीं

चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया
इश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया
~ Parveen Shakir
जो हो गया उसे सोचा नहीं करते,
जो मिल गया उसे खोया नहीं करते।
हासिल उन्हें होती है सफलता,
जो वक़्त और हालात पर रोया नहीं करते।

चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया
इश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया
~ Parveen Shakir
क्या हुआ अभी जो वक्त साथ नहीं,
वक्त आएगा और सिर्फ़ आएगा ही नहीं धूम धाम से आएगा।

चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया
इश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया
~ Parveen Shakir
मुसीबत का पहाड़ आख़िर किसी दिन कट ही जाएगा,
मुझे सर मार कर तेशे से मर जाना नहीं आता।
Festival Shayari

'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार
हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार
'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार
हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार
~ Couplets of Jamiluddin Ali
'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार ~ Couplets of Jamiluddin Ali

अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
~ Mushafi Ghulam Hamdani
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर ~ Mushafi Ghulam Hamdani

अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
~ Mushafi Ghulam Hamdani
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर ~ Mushafi Ghulam Hamdani

जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
~ अज्ञात
जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली ~ अज्ञात

कहने लगे अब आइए सर पर है त्यौहार
घर मेरा नज़दीक है तारों के उस पार
कहने लगे अब आइए सर पर है त्यौहार
घर मेरा नज़दीक है तारों के उस पार
~ Bhagwan Das Ijaz
कहने लगे अब आइए सर पर है त्यौहार घर मेरा नज़दीक है तारों के उस पार ~ Bhagwan Das Ijaz

तुम्हारी तो दिवाली है,
लेकिन मेरी जिंदगी तो तुमने होली कर दी है…!!
तुम्हारी तो दिवाली है,
लेकिन मेरी जिंदगी तो तुमने होली कर दी है…!!
~ अज्ञात
तुम्हारी तो दिवाली है, लेकिन मेरी जिंदगी तो तुमने होली कर दी है…!! ~ अज्ञात

'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार
हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार
~ Couplets of Jamiluddin Ali
'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार

अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
~ Mushafi Ghulam Hamdani
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर

अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
~ Mushafi Ghulam Hamdani
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर

जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
~ अज्ञात
जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
यहाँ पढ़ें खुशियों से भरी शायरी, जो आपके दिल को छू जाएगी और चेहरे पर मुस्कान लाएगी।

अपनी खुशी के मालिक खुद बनो,
यहां दिल दुखाने वाले हजारों हैं..!!!
~ अज्ञात
अपनी खुशी के मालिक खुद बनो, यहां दिल दुखाने वाले हजारों हैं..!!!
तुमसे न ख़ुशी कभी अलग जाए, देख तुम्हारी ख़ुशी गम दूर भाग जाए, तुम्हारे जन्मदिन पर बस यही दुआ मांगते है, की हमारी उम्र भी तुम को लग जाए।
Funny Shayari

अक्सर प्यार में झुकना कोई बड़ी बात नहीं,
आखिर सूरज भी तो डूबता है चाँद के लिए।
~ अज्ञात
अक्सर प्यार में झुकना कोई बड़ी बात नहीं, आखिर सूरज भी तो डूबता है चाँद के लिए।

दिल धड़कने का सबब याद आया
वो तिरी याद थी अब याद आया
~ नासिर काज़मी
दिल धड़कने का सबब याद आया वो तिरी याद थी अब याद आया

कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है……!!!
~ अज्ञात
कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें, तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है……!!!

तनहाई ले जाती है जहाँ तक याद तुम्हारी,
वही से शुरू होती है जिंदगी हमारी,
नहीं सोचा था हम चाहेंगे तुम्हें इस कदर,
पर अब तो बन गए हो तुम किसमत हमारी…..!!!
~ अज्ञात
तनहाई ले जाती है जहाँ तक याद तुम्हारी, वही से शुरू होती है जिंदगी हमारी, नहीं सोचा था हम चाहेंगे तुम्हें इस कदर, पर अब तो बन गए हो तुम किसमत हमारी…..!!!

मुझे किसी और से क्या लेना देना,
मुझे तुमसे तुम्हारे वक्त से लेना देना है।
~ अज्ञात
मुझे किसी और से क्या लेना देना, मुझे तुमसे तुम्हारे वक्त से लेना देना है।
अज्ञात
आज अश्क से, आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।
View ShayariAitbar Sajid
पहले ग़म-ए-फ़ुर्क़त के ये तेवर तो नहीं थे रग रग में उतरती हुई तन्हाई तो अब है
View Shayariअज्ञात
बेहतर हैं उन रिश्तों का टूट जाना, जिस रिश्ते की, वजह से, आप टूट रहे हैं..
View Shayariअज्ञात
“दिल के रिश्तों में बेवफाई नहीं होती, बस वक्त का फेर उन्हें दूर कर देता है।”
View Shayariअज्ञात
वो ख्वाब जो हमने साथ देखे थे, अब उन ख्वाबों का कोई मतलब नहीं रह गया।
View Shayariअज्ञात
दिल की बातें अब किससे कहें, तुम्हारे बाद इस दिल में कोई जगह ही नहीं बची।
View Shayariउसकी आँखों में अब भी वही राज़ था,
उसकी आँखों में अब भी वही राज़ था, और चेहरे का लिबास वही था, कैसे उन्हें बेवफा कह दूं, आज भी उनके देखने का अंदाज़ वही था।
अज्ञातमजनू अब इश्क़ करे तो कैसे करे
मजनू अब इश्क़ करे तो कैसे करे लैला अब ऐतबार के काबिल न रही”
अज्ञाततेरे बिना ज़िंदगी कुछ भी नहीं,
तेरे बिना ज़िंदगी कुछ भी नहीं, तू छोड़ दे इसे, हम बस ज़िंदगी गुज़ारेंगे…!!
अज्ञातजिंदगी में कुछ इस तरह से,
जिंदगी में कुछ इस तरह से, रंग बदले हैं तूने कि, गिरगिट अगर तुम्हें देख ले, तो वह भी शरमा जाए…!!
अज्ञाततेरी बेवफाई ने हमारा ये हाल कर दिया है,
तेरी बेवफाई ने हमारा ये हाल कर दिया है, हम नहीं रोते लोग हमें देख कर रोते हैं !
अज्ञातक्यों इस तरह से मुझे अकेला छोड़ दिया
क्यों इस तरह से मुझे अकेला छोड़ दिया इतनी बुरी तरह मेरा दिल तोड़ दिया।
अज्ञातवादे किए थे हर रोज़ नए तूने,
वादे किए थे हर रोज़ नए तूने, पर तेरे हर वादे में छिपा था एक धोखा।
अज्ञात
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❤️ दिल से शायरी ❤️
अपनी भावनाओं को शायरी की सुंदरता के साथ व्यक्त करें। प्रेरणादायक, रोमांटिक और जीवन से जुड़ी शायरी आपके दिल की बात कहने का बेहतरीन तरीका है। हर शब्द एक एहसास!
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Some Facts
85%
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68%
of people find Shayari easier to use for expressing emotions compared to regular conversation.
60%
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of people who read motivational Shayari feel a noticeable boost in their productivity and focus.
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Writing Shayari as a journaling exercise improved emotional intelligence by 25% in individuals over a six-month period.
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A tree plantation drive in India using Shayari slogans saw a 35% increase in volunteer numbers.
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शायरी क्यों खास है:
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Top Categories
❤️ अपनी भावनाओं को शायरी में ढालें ❤️
शायरी, वो कला है जो दिल से निकल कर सीधे दिल तक पहुंचती है। हर शब्द में छुपा है अनकही कहानियों का खजाना। आइए, अपने जज़्बातों को खूबसूरत अल्फाज़ों में बदलें।

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"शब्द वो पुल हैं, जो दिलों को जोड़ते हैं।"